लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • जब दिल मिले जानवर से

    दोस्तों आज मैं आपको एक प्यारी सी कहानी सुनाने जा रहा हूं। आशा करता हूं आप सबको प...

  • नानी जी नमस्ते

    संस्मरण डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर new delhi नानी जी नमस्ते  संसस्मरण नानी जी नमस्...

  • गहरा समंदर

    ---*कहानी: माफ़ करने के लिए नहीं रुके*  *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*दिन ढलने ही वाला...

पौधे कितना ऑक्सीजन देते है By Shilpa exam tips

पेड़-पौधे हमारे जीवन की सांस हैं। इनके बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम हर पल जो ऑक्सीजन लेते हैं, वो हमें पेड़-पौधों से ही मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है...

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अधूरी कॉल By Kapil Tiwari

मैं बैठा कुछ सोच ही रहा था कि तभी मेरे पीछे रखे मोबाइल से एक जानी-पहचानी सी आवाज़ सुनाई दी। देखा तो घर से फोन आ रहा था—फोन पर वही लोग थे जो समय-समय पर अपनी कामनाओं की 'अपडेट&#3...

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मेरी डिग्री बेकार नहीं है By Vandna Sharma

---*मेरी डिग्री बेकार नहीं है *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*वो एक गुनगुनी धूप से सजी सुबह थी। फरवरी माह की महकती सुबह। ठंडी हवाएं शरीर को छूती हुई अच्छी लग रही थीं। धूप अभी इतनी तेज नहीं...

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First Love - 1 By Sah Ankita

खामोश मुलाकात"जिंदगी में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जब कोई शख्स पहली नजर में ही दिल के तार छेड़ देता है। मेरे साथ भी आज कुछ वैसा ही हुआ। आज मैंने उसे देखा... उसके घर में मेरा पहला दिन...

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जब दिल मिले जानवर से By Dabhi Manubhai

दोस्तों आज मैं आपको एक प्यारी सी कहानी सुनाने जा रहा हूं। आशा करता हूं आप सबको पसंद आएगी।एक प्यारी सी बच्ची थी। जिसका नाम था स्विटी बहुत प्यारी और नटखट थी । माता सुशिलाबेन और पिता...

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Mathematics By JUGAL KISHORE SHARMA

ध्रुवीय वक्रों (Polar curves) के नीचे क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए 'सीमाएँ' (limits) तय करना गणित का वह अद्भुत जादू है, जहाँ हम r=0 रखकर ऐसे कोण (θ\thetaθ) ढूँढते हैं, मानो वक्र स्व...

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नानी जी नमस्ते By Vandna Sharma

संस्मरण डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर new delhi नानी जी नमस्ते  संसस्मरण नानी जी नमस्ते  *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*मेरी नानी का घर अब सिर्फ यादों में ही है। बरसो बीत गए वहां गए। आखिरी बार...

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बेवकूफ नेता जी By Karan Meena

:- नेता जी: एक नासमझ, अनपढ़ और मजाकिया राजनेता।:- राजू: नेता जी का पीए (Personal Assistant), जो समझदार है पर नेता जी की हरकतों से परेशान रहता है।(दृश्य की शुरुआत: नेता जी अपने घर क...

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जिस जीवन में तुम थे - 2 By SHREYA INDUSHREE

किसी-किसी रात समय सो जाता है।घड़ी चलती रहती है, रात आगे बढ़ती रहती है, लेकिन भीतर कहीं सब कुछ ठहर जाता है।उस रात समर के साथ भी यही हुआ।पत्र लिखने के बाद वह देर तक मेज़ पर बैठा रहा।...

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इश्क. - 18 By om prakash Jain

वेदांत रात में सोते समय गहरी सोच में पड़ जाता है ।सिम्मी के हाथ मांगने के लिए उनके पिता जी से मिलना चाहता है ।और अपना प्रेम कहानी बता देना चाह रहा है ।और सिम्मी भी वेदांत को यही सल...

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गहरा समंदर By Vandna Sharma

---*कहानी: माफ़ करने के लिए नहीं रुके*  *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*दिन ढलने ही वाला था, आसमान में बादल छाए हुए थे। सागर समुद्री तट पर बैठा हुआ, समुद्री लहरों को उछलते हुए देख रहा था।...

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बारह बरश का इंतज़ार - 3 By kusum kumari

अगले दिन उसकी नींद बाहर से आते शोर से खुली।बाहर से हँसने की आवाज़ें आ रही थीं।कुसुम ने अपना सिर पकड़ लिया और उठकर बैठ गई।उसका सिर दर्द कर रहा था ! कल रात वो अंकित के बारे में सोचते...

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मेरा साहित्य लेखन By Rakesh Kumar Sharma

आज दोपहर को घर के आंगन मे बैठा में आराम कर रहा था। अचानक दिमाग में कुछ लिखने का ख्याल आया। सोचा कुछ अच्छा सा लिखूं। पर क्या लिखना है ये तय नहीं कर पा रहा था। कई बार विचार आया कुछ स...

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तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 By Anil Kundal

                            -१-" माँ, आज मेरा लंच पैक नहीं करना। " मैंने शीशे के सामने खड़े होकर कंघी से अपने बाल संवारे और एकबारगी दर्पण में अपने चेहरे को निहारा। सब कुछ ठीक ठाक स...

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कुंती का खेल By Deepak sharma

                    कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था।                   टंडन मेम सा...

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आग और ठहराव - 1 By Alka rahul Aggarwal

मुंबई...एक ऐसा शहर जो कभी नहीं सोता। यहाँ कुछ लोग सपने लेकर आते हैं और कुछ लोगों के सपनों पर राज करते हैं।अनाया उन्हीं लोगों में से थी जो सपने लेकर आई थी।सफेद सलवार-कुर्ते में रहने...

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सजा.....बिना कसूर की - 4 By Soni shakya

वैसे तो आपको देखने  से ही और आपकी बातचीत से बहुत-कुछ समझ आता है आपके बारे में फिर भी आप कुछ बताइए ताकि हम बातचीत शुरू कर सके। भूमि एक सुलझी हुई और स्पष्ट वादी लड़की थी।उसने कुछ बात...

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अलविदा आनंद! By Devendra Kumar

अलविदा आनंद !  जीवन में कुछ चीजें आकस्मिक हो कर बुरी तरह से  झकझोर जाती हैं, जैसे अचानक एक तेज अंधड़ आकर कुछ तोड़ फोड़ कर चला गया फिर सब शांत जैसे कुछ आया  नहीं था, बस हुई हानि को सवा...

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हमसफ़र By Rakesh Kumar Sharma

बदन पर किसी ठंडी चीज का एहसास पाकर मेरी तंद्रा टूटी। विचारों के भंवर से बाहर निकल कर देखा तो सामने निधि बैठी हुई थी, उसके हाथ में बाम की एक डिब्बी थी जिससे वह बाम मेरे गले पर लगा र...

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क्या सब ठीक है - 6 By Narayan Menariya

भीड़ में खोया इंसान...दिल्ली जैसे बड़े शहर की सुबह हमेशा शोर से शुरू होती थी। सड़क पर दौड़ती गाड़ियाँ, बस स्टॉप पर खड़ी लंबी लाइनें, हॉर्न की आवाज़ें और हर चेहरे पर जल्दी का भाव। ऐ...

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मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 2 By Std Maurya

मैं, सत्येंद्र, इस पुस्तक को स्वयं लिख रहा हूँ। मुझे नहीं मालूम कि मेरे विचारों पर लोग कितना विश्वास करेंगे, किंतु मुझे आशा है कि जो भी इस पुस्तक को पढ़ेगा, वह स्वयं सोचने और समाज...

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बेटा { एक हृदयस्पर्शी कहानी } By Anil Kundal

[]  बेटा []                         -१-            " पांच सौ गज जगह है वो। मैं कहती हूँ कि यहीं कहीं आसपड़ोस में कोई बढ़िया सा कमरा दिला देते। तीस पैंतीस हज़ार से क्या कम चढ़ा हुआ...

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कालू की पहाड़ी - 1 By RAAHULL SHARMA

अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...

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खामोश बेटी - 1 By blue sky and purple ocean

वह एक ऐसी बेटी है जो अपने परिवार से कभी कुछ नहीं कहती,जो कभी यह नहीं पूछती कि उसका दिल ठीक है या नहीं।हालाँकि वह अपने कठिन दिनों और दिल के सारे बोझ के बारे में खुलकर बात करना चाहती...

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पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-3 By Anil Kundal

                  ¶¶ उसका स्पर्श ¶¶                         कहानी                            - १-माँ बहुत दिनों से रुग्ण चल रहीं थीं और बहुधा काम पर से छुट्टी मार लिया करतीं थीं। प...

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तोड़ी दोस्ती By Mukteshwar Prasad Singh

"तोड़ी दोस्ती"          -----------------मुक्तेश्वर मुकेश अब फिर भेंट नहीं होगी। उसने क्यूं इतनी जल्दबाजी की ? क्यों छोड़ गया अपने यार दोस्त और परिवार को ? बड़ी निष्ठुरता दिखायी।हा...

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बरगद के पेड़ का भूत By Anil Kundal

                          - एक -मैंने उस गली का फिर से एक और चक्कर लगाया। मुझे कल रात के जैसे कोई भ्रम हुआ था। वो बात संभवतः संभव नहीं हो सकती थी। फिर भी लाख बार चाहने पर भी दिल नह...

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मुक्त - भाग 14 By Neeraj Sharma

 (एक लकीर का धारावाहिक) परसुत करने को हूँ, मगर ये बात कहने को याद आ गयी बिलकुल टाइम पर।                                  (एक लकीर ) कहने को जो मर्ज़ी कह लो, खुली छूट है। महत्मा ज़ी न...

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गांव का हीरो महेश By Vandna Sharma

एक समय की बात है। यूपी के अमरोहा जिले के एक छोटे से गाँव (मोहिदीनपुर) में 15 जनवरी 1953 को महेश नामक बालक का जन्म हुआ। पिता का नाम श्री छोटेलाल शर्मा एवं माता का नाम श्रीमती गुलाब...

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गुरु की नगरी और विमान अपहरण By Devendra Kumar

गुरु की नगरी, अमृतसर  ने जितने अच्छे बुरे अनुभव उतराव चढाव देखे है,  विश्व के बिरले ही नगरों  ने देखे होंगें. ज्यादा पुराना नहीं है यह नगर  केवल साढ़े चार वर्ष पुराना ही तो है, जब इ...

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कामिनी कथा By Rajkumar Mahato

कामिनी कथा नगेंद्र साहित्य पुरस्कार 2020 के नामांकित एवं द्वितीय पुरस्कार विजेता---(1)“अरे देखो, कामिनी भी कैसी झुलस-सी गई है!”“शायद हमारा विरह सह नहीं पाई।”कामिनी के पेड़ के नीचे...

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The Silent Witness By Priya Chaudhary

एक बार दो शैतान बच्चे जंगल के दोनों तरफ बाँध रहे थे, सबको बड़े अच्छे से प्रसाद दिया तभी उन्होंने एक बूढी बाघिन को देखा और सोचा एक बदमाशी सूझी। वो दोनों उसके पीछे लग गए बाघिन को थोड़ा...

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Childhood Friends - Episode 3 By unknownauther

सच, झूठ और फैसलासुबह का समय था।शिवाय बालकनी में खड़ा था। भोपाल की हल्की ठंडी हवा चल रही थी, लेकिन उसके अंदर सब कुछ उथल-पुथल था। उसके दिमाग में बस एक ही बात बार-बार घूम रही थी —“अनन...

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प्रेरणास्पंदन - 10-11 By Bhupendra Kuldeep

अध्याय:10 अमर सपने और सेवा का संकल्प                   मनुष्य के जीवन में सपनों का महत्व केवल एक लक्ष्य तकपहुँचने का नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को गढ़ने का होता है। अक्सर ऐसा होताहै कि ...

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अनुसूया सदन By Deepak sharma

                    लखनऊ से जब आप कस्बापुर की ओर आते हैं,तो कस्बापुर शुरू होते ही अनुसूया रोड पड़ती है— खूब  चौड़ी और व...

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आपदा By Deepak sharma

                  “हैप्पी बर्थडे,” सुबह सात बजे बहन ने मुझे मोबाइल किया था, “अपने स्कूल से मैं सीधे तुम्हारे पास पहुं...

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मैं बेवकूफ हूँ By Sudhir Srivastava

हास्य मैं बेवकूफ हूँ              आज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं।   मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे आज इतने दिनों बाद समझ में आई? कैसा यार है...

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कुएँ में पुरा आसमान By kunal kumar

_______________________________गाँव के पश्चिम छोर पर एक कुआँ था। वह पुराना, गोल और काई से भरा था। इतना गहरा था कि दोपहर की धूप भी उसके तल तक पहुँचते-पहुँचते बूढ़ी पड़ जाती। किसने ब...

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बाबूजी की दुकान By Deepak sharma

                मेरा गणित का पर्चा अच्छा हुआ था. पर्चा देते ही मैं बाबूजी की दुकान पर आ गया.             &nbsp...

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शरीक़-ए- ज़िंदगी By Shree Kriti

कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी भी आई थी...आखिर पुराने दोस्तों से मिलने की बात ही कुछ और होती है। कुछ ही देर बाद उस...

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देवकी का आशीर्वाद By Rajkumar Mahato

चिन्मयी देवी ने गहनों का डिब्बा बहुत धीरे-धीरे खोला। एक-एक करके उन्होंने गले का हार, कानों के झुमके, माथे का टीका और नाक की नथ निकाली। सबसे अंत में उन्होंने एक जोड़ी चूड़ियाँ निकाल...

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पौधे कितना ऑक्सीजन देते है By Shilpa exam tips

पेड़-पौधे हमारे जीवन की सांस हैं। इनके बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम हर पल जो ऑक्सीजन लेते हैं, वो हमें पेड़-पौधों से ही मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है...

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अधूरी कॉल By Kapil Tiwari

मैं बैठा कुछ सोच ही रहा था कि तभी मेरे पीछे रखे मोबाइल से एक जानी-पहचानी सी आवाज़ सुनाई दी। देखा तो घर से फोन आ रहा था—फोन पर वही लोग थे जो समय-समय पर अपनी कामनाओं की 'अपडेट&#3...

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मेरी डिग्री बेकार नहीं है By Vandna Sharma

---*मेरी डिग्री बेकार नहीं है *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*वो एक गुनगुनी धूप से सजी सुबह थी। फरवरी माह की महकती सुबह। ठंडी हवाएं शरीर को छूती हुई अच्छी लग रही थीं। धूप अभी इतनी तेज नहीं...

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First Love - 1 By Sah Ankita

खामोश मुलाकात"जिंदगी में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जब कोई शख्स पहली नजर में ही दिल के तार छेड़ देता है। मेरे साथ भी आज कुछ वैसा ही हुआ। आज मैंने उसे देखा... उसके घर में मेरा पहला दिन...

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जब दिल मिले जानवर से By Dabhi Manubhai

दोस्तों आज मैं आपको एक प्यारी सी कहानी सुनाने जा रहा हूं। आशा करता हूं आप सबको पसंद आएगी।एक प्यारी सी बच्ची थी। जिसका नाम था स्विटी बहुत प्यारी और नटखट थी । माता सुशिलाबेन और पिता...

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Mathematics By JUGAL KISHORE SHARMA

ध्रुवीय वक्रों (Polar curves) के नीचे क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए 'सीमाएँ' (limits) तय करना गणित का वह अद्भुत जादू है, जहाँ हम r=0 रखकर ऐसे कोण (θ\thetaθ) ढूँढते हैं, मानो वक्र स्व...

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नानी जी नमस्ते By Vandna Sharma

संस्मरण डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर new delhi नानी जी नमस्ते  संसस्मरण नानी जी नमस्ते  *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*मेरी नानी का घर अब सिर्फ यादों में ही है। बरसो बीत गए वहां गए। आखिरी बार...

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बेवकूफ नेता जी By Karan Meena

:- नेता जी: एक नासमझ, अनपढ़ और मजाकिया राजनेता।:- राजू: नेता जी का पीए (Personal Assistant), जो समझदार है पर नेता जी की हरकतों से परेशान रहता है।(दृश्य की शुरुआत: नेता जी अपने घर क...

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जिस जीवन में तुम थे - 2 By SHREYA INDUSHREE

किसी-किसी रात समय सो जाता है।घड़ी चलती रहती है, रात आगे बढ़ती रहती है, लेकिन भीतर कहीं सब कुछ ठहर जाता है।उस रात समर के साथ भी यही हुआ।पत्र लिखने के बाद वह देर तक मेज़ पर बैठा रहा।...

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इश्क. - 18 By om prakash Jain

वेदांत रात में सोते समय गहरी सोच में पड़ जाता है ।सिम्मी के हाथ मांगने के लिए उनके पिता जी से मिलना चाहता है ।और अपना प्रेम कहानी बता देना चाह रहा है ।और सिम्मी भी वेदांत को यही सल...

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गहरा समंदर By Vandna Sharma

---*कहानी: माफ़ करने के लिए नहीं रुके*  *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*दिन ढलने ही वाला था, आसमान में बादल छाए हुए थे। सागर समुद्री तट पर बैठा हुआ, समुद्री लहरों को उछलते हुए देख रहा था।...

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बारह बरश का इंतज़ार - 3 By kusum kumari

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मेरा साहित्य लेखन By Rakesh Kumar Sharma

आज दोपहर को घर के आंगन मे बैठा में आराम कर रहा था। अचानक दिमाग में कुछ लिखने का ख्याल आया। सोचा कुछ अच्छा सा लिखूं। पर क्या लिखना है ये तय नहीं कर पा रहा था। कई बार विचार आया कुछ स...

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तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 By Anil Kundal

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कुंती का खेल By Deepak sharma

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वैसे तो आपको देखने  से ही और आपकी बातचीत से बहुत-कुछ समझ आता है आपके बारे में फिर भी आप कुछ बताइए ताकि हम बातचीत शुरू कर सके। भूमि एक सुलझी हुई और स्पष्ट वादी लड़की थी।उसने कुछ बात...

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अलविदा आनंद! By Devendra Kumar

अलविदा आनंद !  जीवन में कुछ चीजें आकस्मिक हो कर बुरी तरह से  झकझोर जाती हैं, जैसे अचानक एक तेज अंधड़ आकर कुछ तोड़ फोड़ कर चला गया फिर सब शांत जैसे कुछ आया  नहीं था, बस हुई हानि को सवा...

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हमसफ़र By Rakesh Kumar Sharma

बदन पर किसी ठंडी चीज का एहसास पाकर मेरी तंद्रा टूटी। विचारों के भंवर से बाहर निकल कर देखा तो सामने निधि बैठी हुई थी, उसके हाथ में बाम की एक डिब्बी थी जिससे वह बाम मेरे गले पर लगा र...

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क्या सब ठीक है - 6 By Narayan Menariya

भीड़ में खोया इंसान...दिल्ली जैसे बड़े शहर की सुबह हमेशा शोर से शुरू होती थी। सड़क पर दौड़ती गाड़ियाँ, बस स्टॉप पर खड़ी लंबी लाइनें, हॉर्न की आवाज़ें और हर चेहरे पर जल्दी का भाव। ऐ...

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मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 2 By Std Maurya

मैं, सत्येंद्र, इस पुस्तक को स्वयं लिख रहा हूँ। मुझे नहीं मालूम कि मेरे विचारों पर लोग कितना विश्वास करेंगे, किंतु मुझे आशा है कि जो भी इस पुस्तक को पढ़ेगा, वह स्वयं सोचने और समाज...

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[]  बेटा []                         -१-            " पांच सौ गज जगह है वो। मैं कहती हूँ कि यहीं कहीं आसपड़ोस में कोई बढ़िया सा कमरा दिला देते। तीस पैंतीस हज़ार से क्या कम चढ़ा हुआ...

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कालू की पहाड़ी - 1 By RAAHULL SHARMA

अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...

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वह एक ऐसी बेटी है जो अपने परिवार से कभी कुछ नहीं कहती,जो कभी यह नहीं पूछती कि उसका दिल ठीक है या नहीं।हालाँकि वह अपने कठिन दिनों और दिल के सारे बोझ के बारे में खुलकर बात करना चाहती...

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पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-3 By Anil Kundal

                  ¶¶ उसका स्पर्श ¶¶                         कहानी                            - १-माँ बहुत दिनों से रुग्ण चल रहीं थीं और बहुधा काम पर से छुट्टी मार लिया करतीं थीं। प...

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तोड़ी दोस्ती By Mukteshwar Prasad Singh

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बरगद के पेड़ का भूत By Anil Kundal

                          - एक -मैंने उस गली का फिर से एक और चक्कर लगाया। मुझे कल रात के जैसे कोई भ्रम हुआ था। वो बात संभवतः संभव नहीं हो सकती थी। फिर भी लाख बार चाहने पर भी दिल नह...

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मुक्त - भाग 14 By Neeraj Sharma

 (एक लकीर का धारावाहिक) परसुत करने को हूँ, मगर ये बात कहने को याद आ गयी बिलकुल टाइम पर।                                  (एक लकीर ) कहने को जो मर्ज़ी कह लो, खुली छूट है। महत्मा ज़ी न...

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गांव का हीरो महेश By Vandna Sharma

एक समय की बात है। यूपी के अमरोहा जिले के एक छोटे से गाँव (मोहिदीनपुर) में 15 जनवरी 1953 को महेश नामक बालक का जन्म हुआ। पिता का नाम श्री छोटेलाल शर्मा एवं माता का नाम श्रीमती गुलाब...

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गुरु की नगरी और विमान अपहरण By Devendra Kumar

गुरु की नगरी, अमृतसर  ने जितने अच्छे बुरे अनुभव उतराव चढाव देखे है,  विश्व के बिरले ही नगरों  ने देखे होंगें. ज्यादा पुराना नहीं है यह नगर  केवल साढ़े चार वर्ष पुराना ही तो है, जब इ...

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कामिनी कथा By Rajkumar Mahato

कामिनी कथा नगेंद्र साहित्य पुरस्कार 2020 के नामांकित एवं द्वितीय पुरस्कार विजेता---(1)“अरे देखो, कामिनी भी कैसी झुलस-सी गई है!”“शायद हमारा विरह सह नहीं पाई।”कामिनी के पेड़ के नीचे...

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एक बार दो शैतान बच्चे जंगल के दोनों तरफ बाँध रहे थे, सबको बड़े अच्छे से प्रसाद दिया तभी उन्होंने एक बूढी बाघिन को देखा और सोचा एक बदमाशी सूझी। वो दोनों उसके पीछे लग गए बाघिन को थोड़ा...

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सच, झूठ और फैसलासुबह का समय था।शिवाय बालकनी में खड़ा था। भोपाल की हल्की ठंडी हवा चल रही थी, लेकिन उसके अंदर सब कुछ उथल-पुथल था। उसके दिमाग में बस एक ही बात बार-बार घूम रही थी —“अनन...

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प्रेरणास्पंदन - 10-11 By Bhupendra Kuldeep

अध्याय:10 अमर सपने और सेवा का संकल्प                   मनुष्य के जीवन में सपनों का महत्व केवल एक लक्ष्य तकपहुँचने का नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को गढ़ने का होता है। अक्सर ऐसा होताहै कि ...

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अनुसूया सदन By Deepak sharma

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आपदा By Deepak sharma

                  “हैप्पी बर्थडे,” सुबह सात बजे बहन ने मुझे मोबाइल किया था, “अपने स्कूल से मैं सीधे तुम्हारे पास पहुं...

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मैं बेवकूफ हूँ By Sudhir Srivastava

हास्य मैं बेवकूफ हूँ              आज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं।   मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे आज इतने दिनों बाद समझ में आई? कैसा यार है...

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कुएँ में पुरा आसमान By kunal kumar

_______________________________गाँव के पश्चिम छोर पर एक कुआँ था। वह पुराना, गोल और काई से भरा था। इतना गहरा था कि दोपहर की धूप भी उसके तल तक पहुँचते-पहुँचते बूढ़ी पड़ जाती। किसने ब...

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बाबूजी की दुकान By Deepak sharma

                मेरा गणित का पर्चा अच्छा हुआ था. पर्चा देते ही मैं बाबूजी की दुकान पर आ गया.             &nbsp...

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शरीक़-ए- ज़िंदगी By Shree Kriti

कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी भी आई थी...आखिर पुराने दोस्तों से मिलने की बात ही कुछ और होती है। कुछ ही देर बाद उस...

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देवकी का आशीर्वाद By Rajkumar Mahato

चिन्मयी देवी ने गहनों का डिब्बा बहुत धीरे-धीरे खोला। एक-एक करके उन्होंने गले का हार, कानों के झुमके, माथे का टीका और नाक की नथ निकाली। सबसे अंत में उन्होंने एक जोड़ी चूड़ियाँ निकाल...

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