लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books

सूरज की किरण: माँ का अहसास By kajal jha

माँ की आखिरी चिट्ठी: एक अमर बलिदानगाँव की वह पुरानी हवेलीनुमा घर, जिसकी दीवारों से चूना झड़ रहा था, आज अजीब सी खामोशी ओढ़े हुए थी। बाहर सावन की झड़ी लगी थी। बादलों की गर्जना और खिड़की...

Read Free

नीलू और नीला तारा By Makvana Bhavek

  धनपुर की सुबह : धनपुर की सुबह धूल और आदतों से बनी होती है। सूरज निकलने से पहले ही गलियों में झाड़ू की सरसराहट, चूल्हों की खटखट और अधखुली नींद की खाँसी तैरने लगती है। नीलू इन्हीं...

Read Free

Hug Day By Devang Kori

Hi दोस्तों,आज Hug Day है… तो एक किस्सा share करना चाहता हूं...College के 2 साल हम साथ गुज़रे। दोस्त थे, बातें होती थीं, हंसी-मज़ाक होता था। पर वो extrovert थी — full-on energy, सब...

Read Free

एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान By Dr Sandip Awasthi

आलोचना : एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान :  आत्मकथा: पानी केरा बुदबुदा  __________________________आत्मकथाएं कुछ बुरी होती हैं,कुछ काल्पनिक उपन्यास सी,कुछ झूठ...

Read Free

दुहाई- तिहाई By Deepak sharma

                  “धर्मवीर,” अपनी अर्द्धचेतना में जाई मुझे ठीक पहचान न पाईं। समझीं, मैं यशवीर नहीं हूं। धर्मवीर हूं।  ...

Read Free

अधूरे सपने By Unknown writer

यह कहानी एक चिड़िया की है।एक छोटी-सी, नन्ही-सी और बहुत ही प्यारी चिड़िया।पूरे जंगल में उससे अधिक सुंदर चिड़िया न किसी ने कभी देखी थी और न ही उसके बारे में सुना था। उसकी आँखों में च...

Read Free

अधूरापन By Anup Anand

1बरसात की वह शाम न तो बहुत ख़ुशनुमा थी, न ही बहुत उदास।बस एक अजीब-सी चुप्पी थी—जैसे आसमान कुछ कहना चाहता हो, लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हों।नीरज बरामदे में खड़ा था। सामने सड़क पर पानी...

Read Free

बिश्नोई धर्म पर आधारित कहानी - बिश्नोई धर्म By Prithvi Nokwal

बिश्नोई जीवन का एक अनमोल रत्न है, जहाँ हर साँस प्रकृति के साथ ताल मिलाती है। यह कहानी राजस्थान के थार मरुस्थल की रेत में बसी एक छोटी-सी बस्ती से शुरू होती है, जहाँ बिश्नोई धर्म के...

Read Free

नेहरू फाइल्स - भूल-121 By Rachel Abraham

भूल-121 डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के प्रति दुर्व्यवहार डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी (1901-1953) सर आशुतोष मुखर्जी (1864-1924) के पुत्र थे, जो ‘बंगलार बाघ’ या ‘टाइगर अ‍ॉफ बंगाल’ के नाम...

Read Free

नारद जी और धर्म राज युधिष्ठिर का संवाद By Prithvi Nokwal

इन्द्रप्रस्थ की सभा उस दिन विशेष रूप से सजी हुई थी। राजसूय यज्ञ के बाद पांडवों का यश चारों दिशाओं में फैल चुका था। राजमहल के प्रांगण में सुवर्ण स्तंभ चमक रहे थे, सुगंधित धूप की महक...

Read Free

गहराइयों में तुम By Ashin Rishi

शीर्षक: “गहराइयों में तुम”                                                                          कभी-कभी प्यार सतह पर नहीं, दिल की सबसे गहरी परतों में मिलता है…      दिल्ली की

Read Free

लिव इन का रिश्ता। By Jeetendra

"चाय में चीनी कम है, या शायद आज मेरा ही मूड ठीक नहीं," माधव ने खिड़की के बाहर उड़ते कबूतरों को देखते हुए कहा।प्रेरणा ने बालकनी की रेलिंग पर रखे अपने मग को देखा, फिर माधव को। "चाय त...

Read Free

पहली मुलाक़ात - 1 By puja

Apisode -1)बारिश हो रही थी काव्य कॉलेज के बाहर खड़ी थी‍️, गाड़ी खराब हो गई थी !तभी आरव नें पुरानी साइकिल रोक !"अगर बुरा ना मानो....तो मैं छोड़ दूं ? " आराम ने धीरे से पूछा ! काव्या...

Read Free

हम फिर भी मिलेंगे By Ashin Rishi

                                                                                 शीर्षक: "हम फिर भी मिलेंगे"                                                                      एक...

Read Free

भीष्मपितामह और धर्मराज युधिष्ठिर का संवाद By Prithvi Nokwal

कुरुक्षेत्र का महायुद्ध समाप्त हो चुका था। अठारह दिनों तक पृथ्वी ने जिस भयानक रक्तपात को देखा था, उसके बाद अब मैदान में केवल सन्नाटा था। टूटी रथों की ध्वनियाँ, बिखरे अस्त्र-शस्त्र,...

Read Free

यक्ष और युधिष्ठिर का संवाद! By Prithvi Nokwal

वन के घने अंधकार में, जहां सूरज की किरणें भी मुश्किल से छनकर आती थीं, पांडवों का वनवास अपने चरम पर पहुंच चुका था। बारह वर्ष की कठिन यात्रा के बाद, वे अब अज्ञातवास की तैयारी में थे।...

Read Free

बेटे की चाह By Jeetendra

ड्राइंग रूम के पुराने सोफे पर बैठी सुमित्रा देवी अपनी उंगलियों में फंसी माला को बड़ी तेजी से फेर रही थीं। कमरे में अगरबत्ती का धुआं किसी भारी कोहरे की तरह तैर रहा था। नेहा रसोई में...

Read Free

पहचान की धुंध By kajal jha

शीर्षक: अनाम अहसाससब कुछ एक 'गलत नंबर' से शुरू हुआ था। आर्यन ने अपने दोस्त को फोन लगाया था, लेकिन दूसरी तरफ से एक सौम्य और ठहरी हुई आवाज़ आई— "हेलो?"वह आवाज़ मीरा की थी। उस ए...

Read Free

विदुर नीति संवाद - विदुर और धृतराष्ट्र के बीच By Prithvi Nokwal

विदुर नीति संवाद – विदुर और धृतराष्ट्र के बीचमहाभारत केवल एक युद्धकथा नहीं है, बल्कि यह जीवन, धर्म, राजनीति, समाज और मानव स्वभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करने वाला महाग्रंथ है। इसम...

Read Free

शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद By Prithvi Nokwal

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद...

Read Free

पुरानी हेवेली का प्रेम By kajal jha

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ स...

Read Free

श्री कृष्ण द्वार हस्तिनापुर की राजसभा में शांति प्रस्ताव! By Prithvi Nokwal

श्रीकृष्ण द्वारा शांति प्रस्ताव संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)हस्तिनापुर की राजसभा सजी हुई थी। विशाल स्तंभों से सुसज्जित उस सभा में कौरवों और पांडवों के बीच चल रहे त...

Read Free

बलि का बकरा By Jeetendra

गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों...

Read Free

जीरो बेरोजगारी By Jeetendra

शहर की सुबह अब अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अजीब सी खामोशी से शुरू होती थी। निखिल अपनी बालकनी में खड़ा नीचे की सड़क को देख रहा था। सड़क बिल्कुल साफ थी, न कहीं कचरा, न कहीं ट्र...

Read Free

श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग By Prithvi Nokwal

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र...

Read Free

आजाद सवेरा By Jeetendra

 कोहरे की चादर ने पूरी घाटी को ढका हुआ था। दूर कहीं से आती हुई झरनों की आवाज सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। एक पुरानी लकड़ी की चौकी, जिसकी दीवारें समय की मार से काली पड़ चुकी थीं,...

Read Free

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिर By Prithvi Nokwal

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिरमहाभारत: जब धर्म पासों की चाल में उलझ गयाहस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असामान्य रूप से शांत था। आकाश में बादल घिरे थे, म...

Read Free

आज़मी साहब मीठा नहीं खाते By Dr Sandip Awasthi

संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब हमें चला रहा होता है। यह तो जगजाहिर  है कि मनुष्य पहले या धर्म पहले?  तो फिर कुछ लोग इ...

Read Free

सपनों का कैनवस: एक जादुई हकीकत By khushboo

लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विचार, उसकी पसंद और जीने का तरीका सबसे अलग था, शायद इसीलिए लोगों से उसकी पटरी कभी नहीं बैठी। रिश्तों के...

Read Free

अधुरी चिट्ठी By kajal jha

अधूरी चिट्ठीगांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में राधा मैया रहती थीं। उम्र हो चली थी उनकी – साठ के पार। चेहरे पर झुर्रियां थीं, लेकिन आंखों में आज भी वही चमक जो बचपन में बेटे को गोद...

Read Free

युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण के बीच हुए संवाद पर आधारित ! By Prithvi Nokwal

यह महाभारत की कथाओं पर आधारित रचनात्मक संवाद है, जिसमें मूल भाव सुरक्षित रखे गए हैं।युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण का संवादकुरुक्षेत्र के युद्ध की विभीषिका से ठीक पहले...

Read Free

वक्त की रेत,ढेर सारी मासूमियत By Abantika

"वक्त रेत की तरह हाथों से फिसल जाता है, पर पीछे छोड़ जाता है कुछ सुनहरी यादें। यहाँ मैं साझा करूँगी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के वो छोटे-छोटे और मासूम किस्से, जो कभी 'मक्खी जी&#...

Read Free

रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

Read Free

पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

Read Free

बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

Read Free

प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 By Abantika

Part 2"दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बच्चों के कपड़ों की एक दुकान पर अपने सात साल के बेटे, सोनू के लिए ड्रेस चुनते-चुनते अचानक नागेंद्र के हाथ रुक गए।​उसने चोरी-छिपे और फिर थोड...

Read Free

दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

Read Free

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

Read Free

उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

Read Free

बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

Read Free

मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

Read Free

घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

Read Free

बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

Read Free

सूरज की किरण: माँ का अहसास By kajal jha

माँ की आखिरी चिट्ठी: एक अमर बलिदानगाँव की वह पुरानी हवेलीनुमा घर, जिसकी दीवारों से चूना झड़ रहा था, आज अजीब सी खामोशी ओढ़े हुए थी। बाहर सावन की झड़ी लगी थी। बादलों की गर्जना और खिड़की...

Read Free

नीलू और नीला तारा By Makvana Bhavek

  धनपुर की सुबह : धनपुर की सुबह धूल और आदतों से बनी होती है। सूरज निकलने से पहले ही गलियों में झाड़ू की सरसराहट, चूल्हों की खटखट और अधखुली नींद की खाँसी तैरने लगती है। नीलू इन्हीं...

Read Free

Hug Day By Devang Kori

Hi दोस्तों,आज Hug Day है… तो एक किस्सा share करना चाहता हूं...College के 2 साल हम साथ गुज़रे। दोस्त थे, बातें होती थीं, हंसी-मज़ाक होता था। पर वो extrovert थी — full-on energy, सब...

Read Free

एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान By Dr Sandip Awasthi

आलोचना : एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान :  आत्मकथा: पानी केरा बुदबुदा  __________________________आत्मकथाएं कुछ बुरी होती हैं,कुछ काल्पनिक उपन्यास सी,कुछ झूठ...

Read Free

दुहाई- तिहाई By Deepak sharma

                  “धर्मवीर,” अपनी अर्द्धचेतना में जाई मुझे ठीक पहचान न पाईं। समझीं, मैं यशवीर नहीं हूं। धर्मवीर हूं।  ...

Read Free

अधूरे सपने By Unknown writer

यह कहानी एक चिड़िया की है।एक छोटी-सी, नन्ही-सी और बहुत ही प्यारी चिड़िया।पूरे जंगल में उससे अधिक सुंदर चिड़िया न किसी ने कभी देखी थी और न ही उसके बारे में सुना था। उसकी आँखों में च...

Read Free

अधूरापन By Anup Anand

1बरसात की वह शाम न तो बहुत ख़ुशनुमा थी, न ही बहुत उदास।बस एक अजीब-सी चुप्पी थी—जैसे आसमान कुछ कहना चाहता हो, लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हों।नीरज बरामदे में खड़ा था। सामने सड़क पर पानी...

Read Free

बिश्नोई धर्म पर आधारित कहानी - बिश्नोई धर्म By Prithvi Nokwal

बिश्नोई जीवन का एक अनमोल रत्न है, जहाँ हर साँस प्रकृति के साथ ताल मिलाती है। यह कहानी राजस्थान के थार मरुस्थल की रेत में बसी एक छोटी-सी बस्ती से शुरू होती है, जहाँ बिश्नोई धर्म के...

Read Free

नेहरू फाइल्स - भूल-121 By Rachel Abraham

भूल-121 डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के प्रति दुर्व्यवहार डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी (1901-1953) सर आशुतोष मुखर्जी (1864-1924) के पुत्र थे, जो ‘बंगलार बाघ’ या ‘टाइगर अ‍ॉफ बंगाल’ के नाम...

Read Free

नारद जी और धर्म राज युधिष्ठिर का संवाद By Prithvi Nokwal

इन्द्रप्रस्थ की सभा उस दिन विशेष रूप से सजी हुई थी। राजसूय यज्ञ के बाद पांडवों का यश चारों दिशाओं में फैल चुका था। राजमहल के प्रांगण में सुवर्ण स्तंभ चमक रहे थे, सुगंधित धूप की महक...

Read Free

गहराइयों में तुम By Ashin Rishi

शीर्षक: “गहराइयों में तुम”                                                                          कभी-कभी प्यार सतह पर नहीं, दिल की सबसे गहरी परतों में मिलता है…      दिल्ली की

Read Free

लिव इन का रिश्ता। By Jeetendra

"चाय में चीनी कम है, या शायद आज मेरा ही मूड ठीक नहीं," माधव ने खिड़की के बाहर उड़ते कबूतरों को देखते हुए कहा।प्रेरणा ने बालकनी की रेलिंग पर रखे अपने मग को देखा, फिर माधव को। "चाय त...

Read Free

पहली मुलाक़ात - 1 By puja

Apisode -1)बारिश हो रही थी काव्य कॉलेज के बाहर खड़ी थी‍️, गाड़ी खराब हो गई थी !तभी आरव नें पुरानी साइकिल रोक !"अगर बुरा ना मानो....तो मैं छोड़ दूं ? " आराम ने धीरे से पूछा ! काव्या...

Read Free

हम फिर भी मिलेंगे By Ashin Rishi

                                                                                 शीर्षक: "हम फिर भी मिलेंगे"                                                                      एक...

Read Free

भीष्मपितामह और धर्मराज युधिष्ठिर का संवाद By Prithvi Nokwal

कुरुक्षेत्र का महायुद्ध समाप्त हो चुका था। अठारह दिनों तक पृथ्वी ने जिस भयानक रक्तपात को देखा था, उसके बाद अब मैदान में केवल सन्नाटा था। टूटी रथों की ध्वनियाँ, बिखरे अस्त्र-शस्त्र,...

Read Free

यक्ष और युधिष्ठिर का संवाद! By Prithvi Nokwal

वन के घने अंधकार में, जहां सूरज की किरणें भी मुश्किल से छनकर आती थीं, पांडवों का वनवास अपने चरम पर पहुंच चुका था। बारह वर्ष की कठिन यात्रा के बाद, वे अब अज्ञातवास की तैयारी में थे।...

Read Free

बेटे की चाह By Jeetendra

ड्राइंग रूम के पुराने सोफे पर बैठी सुमित्रा देवी अपनी उंगलियों में फंसी माला को बड़ी तेजी से फेर रही थीं। कमरे में अगरबत्ती का धुआं किसी भारी कोहरे की तरह तैर रहा था। नेहा रसोई में...

Read Free

पहचान की धुंध By kajal jha

शीर्षक: अनाम अहसाससब कुछ एक 'गलत नंबर' से शुरू हुआ था। आर्यन ने अपने दोस्त को फोन लगाया था, लेकिन दूसरी तरफ से एक सौम्य और ठहरी हुई आवाज़ आई— "हेलो?"वह आवाज़ मीरा की थी। उस ए...

Read Free

विदुर नीति संवाद - विदुर और धृतराष्ट्र के बीच By Prithvi Nokwal

विदुर नीति संवाद – विदुर और धृतराष्ट्र के बीचमहाभारत केवल एक युद्धकथा नहीं है, बल्कि यह जीवन, धर्म, राजनीति, समाज और मानव स्वभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करने वाला महाग्रंथ है। इसम...

Read Free

शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद By Prithvi Nokwal

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद...

Read Free

पुरानी हेवेली का प्रेम By kajal jha

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ स...

Read Free

श्री कृष्ण द्वार हस्तिनापुर की राजसभा में शांति प्रस्ताव! By Prithvi Nokwal

श्रीकृष्ण द्वारा शांति प्रस्ताव संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)हस्तिनापुर की राजसभा सजी हुई थी। विशाल स्तंभों से सुसज्जित उस सभा में कौरवों और पांडवों के बीच चल रहे त...

Read Free

बलि का बकरा By Jeetendra

गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों...

Read Free

जीरो बेरोजगारी By Jeetendra

शहर की सुबह अब अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अजीब सी खामोशी से शुरू होती थी। निखिल अपनी बालकनी में खड़ा नीचे की सड़क को देख रहा था। सड़क बिल्कुल साफ थी, न कहीं कचरा, न कहीं ट्र...

Read Free

श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग By Prithvi Nokwal

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र...

Read Free

आजाद सवेरा By Jeetendra

 कोहरे की चादर ने पूरी घाटी को ढका हुआ था। दूर कहीं से आती हुई झरनों की आवाज सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। एक पुरानी लकड़ी की चौकी, जिसकी दीवारें समय की मार से काली पड़ चुकी थीं,...

Read Free

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिर By Prithvi Nokwal

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिरमहाभारत: जब धर्म पासों की चाल में उलझ गयाहस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असामान्य रूप से शांत था। आकाश में बादल घिरे थे, म...

Read Free

आज़मी साहब मीठा नहीं खाते By Dr Sandip Awasthi

संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब हमें चला रहा होता है। यह तो जगजाहिर  है कि मनुष्य पहले या धर्म पहले?  तो फिर कुछ लोग इ...

Read Free

सपनों का कैनवस: एक जादुई हकीकत By khushboo

लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विचार, उसकी पसंद और जीने का तरीका सबसे अलग था, शायद इसीलिए लोगों से उसकी पटरी कभी नहीं बैठी। रिश्तों के...

Read Free

अधुरी चिट्ठी By kajal jha

अधूरी चिट्ठीगांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में राधा मैया रहती थीं। उम्र हो चली थी उनकी – साठ के पार। चेहरे पर झुर्रियां थीं, लेकिन आंखों में आज भी वही चमक जो बचपन में बेटे को गोद...

Read Free

युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण के बीच हुए संवाद पर आधारित ! By Prithvi Nokwal

यह महाभारत की कथाओं पर आधारित रचनात्मक संवाद है, जिसमें मूल भाव सुरक्षित रखे गए हैं।युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण का संवादकुरुक्षेत्र के युद्ध की विभीषिका से ठीक पहले...

Read Free

वक्त की रेत,ढेर सारी मासूमियत By Abantika

"वक्त रेत की तरह हाथों से फिसल जाता है, पर पीछे छोड़ जाता है कुछ सुनहरी यादें। यहाँ मैं साझा करूँगी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के वो छोटे-छोटे और मासूम किस्से, जो कभी 'मक्खी जी&#...

Read Free

रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

Read Free

पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

Read Free

बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

Read Free

प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 By Abantika

Part 2"दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बच्चों के कपड़ों की एक दुकान पर अपने सात साल के बेटे, सोनू के लिए ड्रेस चुनते-चुनते अचानक नागेंद्र के हाथ रुक गए।​उसने चोरी-छिपे और फिर थोड...

Read Free

दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

Read Free

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

Read Free

उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

Read Free

बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

Read Free

मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

Read Free

घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

Read Free

बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

Read Free